11.11.12

धनतेरस और दीपावली पर्व हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं : अपने मन मंदिर में ज्ञान का दीप जलायें .....


अपने मन मंदिर में ज्ञान का दीपक जलायें जो ईश्वर की सच्ची आराधना है . करोड़ों अरबों का दान करने की अपेक्षा अपनी मानसिक तुच्छता दीनता हीनता दासता को दूर कर निर्भयता सत्यता पवित्रता और प्रसन्नता की आत्मिक प्रवृत्तियां बढ़ाने का संकल्प लें .


मनुष्य स्वयं अपना आत्म निर्माण करे . मानव सेवा करना पुण्य माना जाता है परन्तु मानसिक, शारीरिक, आर्थिक, सामाजिक, नैतिक और अध्यात्मिक स्थिति को ऊपर उठाना और स्वयं को एक आदर्श नागरिक बनाना सबसे बड़ा धर्म है .

अपने दायित्वों का सजगता पूर्वक निर्वहन करने के बारे में मैंने एक उदाहरण पढ़ा है जो इस प्रकार है . एक दीपक टिमटिमाती लौ के साथ धीरे धीरे जल रहा था ....

दीपावली : अपने मन मंदिर में ज्ञान का दीप जलायें .....

धनतेरस और दीपावली पर्व पर आप सभी को और आपके परिजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ... आपका भविष्य उज्जवल और मगल मय हो ....

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11 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बहुत बधाई ।

    शुभकामनाये पर्व-मालिका की ।

    जय गणेश देवा

    जय श्री लक्ष्मी ।।

    जय माँ सरस्वती ।।
    जय श्री राम -

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    त्यौहारों की शृंखला में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धनपूजा और भाईदूज का हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  3. दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनायें

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  4. दीपोत्सव पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ

    Gyan Darpan

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  5. दीप-उत्सव पर बहुत शुभ-कामनाएँ!!

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  6. दीपोत्सव पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ और आपके परिवारजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें

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  7. बहुत बढिया दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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  8. पञ्च दिवसीय दीपोत्सव की शुभकामनायें और बधाइयां

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आपका ब्लॉग समयचक्र में हार्दिक स्वागत है आपकी अभिव्यक्ति से मेरा मनोबल बढ़ता है .