7.5.13

हाथी और अहंकारी गुबरैला ...


एक दिन गुबरैला गोबर से निकल कर घूमते घूमते काली चींटियों की बस्ती में जा पहुंचा  . चींटियाँ उसके भारी भरकम शरीर को देखकर आश्चर्य चकित हो गई . कुछ ही दिन में गुबरैला चींटियों का राजा बन बैठा और वह बहुत ही अभिमानी हो गया .

सारे चींटे उसके हर आदेश का पालन करते थे और अपने गुबरैला राजा को तरह तरह की खाने पीने की चींजे उपलब्ध कराते रहते थे .

एक दिन एक हाथी घूमते घूमते अचानक वहां पहुँच गया जहाँ पर चींटियाँ और गुबरैला रहता था . हाथी को देखते ही अहंकारी गुबरैला बहुत जोर से चिल्ला कर हाथी से बोला - तेरी हिम्मत कैसे हो गई की बिना अनुमति के तुम मेरे राज्य में घुस आये हो . पहले मुझे झुक कर सलाम करो और अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगो .

हाथी ने मुस्कुराकर कहा - जी हुजूर गुस्ताखी माफ़ करना . मैं अभी आपको सलाम कर अपनी गलती की माफ़ी मांगता हूँ . हाथी जैसे ही गुबरैला को सलाम करने झुका वैसे ही उसके पैरों के तले अभिमानी राजा गुबरैला और काले चींटे दब कर मर गये .

किसी ने सही कहा है की  अहंकारी और अभिमानी का अंत जरुर होता है और जितनी तेजी से अभिमान बढ़ता है उसका पतन भी उतनी जल्दी तेजी से होता है . हमें सदैव विनम्र बनने का प्रयास करना चाहिए . विनम्रता मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है .

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15 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अहंकार सच ही हमेशा बुरा होता है ... रोचक कथा ।

vandana gupta ने कहा…

एक प्रेरक संदेश देती उत्तम कहानी

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रभुत्व के साथ मद न आये, कम से कम हाथी दिख जाये।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सहमत आपकी बात से ... अहंकार विनाश की और ले जाता है ...

shashi purwar ने कहा…


बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार (08-04-2013) के "http://charchamanch.blogspot.in/2013/04/1224.html"> पर भी होगी! आपके अनमोल विचार दीजिये , मंच पर आपकी प्रतीक्षा है .
सूचनार्थ...सादर!

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अहंकारी और लोभी की यही गति होती है.

रामराम.

सुज्ञ ने कहा…

विनम्रता मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है .
यथार्थ कहा......

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

सच है .... सुंदर कथा

कालीपद प्रसाद ने कहा…

ज्ञानी और विद्वान ही विनम्र होते है मुर्ख नहीं -उत्तम कहानी
डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
latest post'वनफूल'

P.N. Subramanian ने कहा…

प्रेरणादायक।अहंकार मनुष्य को ले डूबता है.

sadhana vaid ने कहा…

सार्थक सन्देश देती प्रेरक लघु कथा ! बहुत ही अच्छी एवँ रोचक कहानी !

Sanjay Tripathi ने कहा…

प्रेरणादाई!

mahendra mishra ने कहा…

जी आभार

mahendra mishra ने कहा…

शुक्रिया ...

वाणी गीत ने कहा…

सार्थक सन्देश !